यदि आप डेयरी फार्म शुरू करना चाहते हैं या अपनी मौजूदा डेयरी को विस्तार देना चाहते हैं, तो नाबार्ड (NABARD) डेयरी लोन योजना आपके लिए एक बेहतरीन अवसर है। नाबार्ड यानी नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट भारत सरकार की एक प्रमुख संस्था है जो ग्रामीण विकास और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना के तहत आपको बैंक से कम ब्याज दर पर लोन मिल सकता है साथ ही प्रोजेक्ट लागत पर 25% से 33% तक की सब्सिडी भी दी जाती है।
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यह योजना डेयरी उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए जारी है, हालांकि पुरानी डेयरी एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट स्कीम (DEDS) को कुछ बदलावों के साथ अन्य फंड्स जैसे AHIDF के साथ जोड़ा गया है। इस लेख में हम आपको नाबार्ड डेयरी लोन योजना की पूरी जानकारी स्टेप-बाय-स्टेप देंगे। ध्यान दें कि सब्सिडी और लोन की राशि प्रोजेक्ट के प्रकार पर निर्भर करती है।
नाबार्ड डेयरी लोन योजना क्या है?
विषय-सूची
नाबार्ड डेयरी सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रीफाइनेंस प्रदान करता है। मुख्य योजनाएं:
मुख्य योजनाएं
1. डेयरी एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट स्कीम (DEDS): छोटे डेयरी फार्म के लिए (हालांकि 2020 के बाद कुछ बदलाव हुए, लेकिन कई बैंक अभी भी इसी पैटर्न पर सब्सिडी देते हैं)।
2. एनिमल हसबेंडरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (AHIDF): बड़े प्रोसेसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए।
3. डेयरी प्रोसेसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (DIDF): दूध प्रोसेसिंग प्लांट के लिए।
इस योजना का उद्देश्य स्वरोजगार उत्पन्न करना, दूध उत्पादन बढ़ाना और (or) ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
सब्सिडी और लोन की राशि
सब्सिडी बैक-एंडेड कैपिटल सब्सिडी के रूप में दी जाती है, जो लोन अकाउंट में एडजस्ट हो जाती है। विभिन्न प्रोजेक्ट्स के लिए अधिकतम लोन राशि, सब्सिडी और ब्याज दर इस प्रकार है:
– छोटी डेयरी यूनिट (2-10 पशु): अधिकतम लोन राशि ₹7-15 लाख, सामान्य वर्ग के लिए सब्सिडी 25% (अधिकतम ₹1.25-1.67 लाख), SC/ST के लिए 33.33%, तथा ब्याज दर 8-10%।
– मिनी डेयरी (10-20 पशु): अधिकतम लोन राशि ₹30-50 लाख, सामान्य वर्ग के लिए सब्सिडी 25%, SC/ST के लिए 33.33%, तथा ब्याज दर 8-9%।
– दूध प्रोसेसिंग यूनिट: अधिकतम लोन राशि ₹10-13 लाख (मशीनरी के लिए), सामान्य वर्ग के लिए सब्सिडी 25% (अधिकतम ₹3.30 लाख), SC/ST के लिए 33.33% (अधिकतम ₹4.40 लाख), तथा ब्याज दर बैंक के अनुसार।
– बड़े प्रोजेक्ट (DIDF/AHIDF): अधिकतम लोन राशि ₹10 करोड़ तक, सब्सिडी के रूप में ब्याज सबवेंशन या अन्य सहायता (SC/ST के लिए विशेष प्रावधान नहीं), तथा ब्याज दर 6.5-8%
नाबार्ड डेयरी लोन के लिए पात्रता मानदंड (2025)
– आवेदक भारतीय नागरिक हो।
– उम्र 18 से 65 वर्ष के बीच।
– व्यक्तिगत किसान, महिला, SHG (सेल्फ हेल्प ग्रुप), FPO, कोऑपरेटिव सोसाइटी या उद्यमी पात्र हैं।
– SC/ST और महिलाओं को प्राथमिकता।
– कोई डिफॉल्टर न हो (CIBIL अच्छा हो)।
– जमीन अपनी या लीज पर हो (शेड के लिए पर्याप्त जगह)।
– न्यूनतम 2 दूध देने वाले पशु (नई यूनिट के लिए नहीं अनिवार्य)।
आवेदन प्रक्रिया स्टेप-बाय-स्टेप
1. प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करें: डेयरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनवाएं जिसमें पशु खरीद, शेड निर्माण, मशीनरी, चारा आदि का खर्च विवरण हो। CA या नाबार्ड ऑफिस से मदद लें।
2. नजदीकी बैंक में जाएं: SBI, Bank of Baroda, HDFC, Axis, कोऑपरेटिव बैंक आदि जो नाबार्ड रीफाइनेंस लेती हैं।
3. आवश्यक दस्तावेज जमा करें:
– आधार कार्ड और पैन कार्ड
– जमीन के दस्तावेज (7/12, 8A)
– प्रोजेक्ट रिपोर्ट की 2 कॉपी
– 2 पासपोर्ट साइज फोटो
– बैंक पासबुक
– जाति प्रमाणपत्र (SC/ST के लिए)
– आय प्रमाण पत्र
4. लोन स्वीकृति: बैंक 15-30 दिनों में लोन अप्रूव करेगी।
5. लोन वितरण: किस्तों में (पहली किस्त पशु खरीद के लिए, दूसरी शेड के लिए आदि)।
6. सब्सिडी प्राप्ति: बैंक नाबार्ड से सब्सिडी क्लेम करेगी, जो 3-6 महीनों में आपके लोन अकाउंट में जमा हो जाएगी।
10 पशुओं वाली डेयरी की अनुमानित लागत और लाभ
दस दूधिया गाय या भैंसों वाली डेयरी यूनिट शुरू करने की अनुमानित लागत इस प्रकार है:
– 10 दूधिया गाय/भैंस: लागत ₹8,00,000, सब्सिडी के बाद लागत (सामान्य वर्ग) ₹8,00,000
– शेड निर्माण: लागत ₹3,00,000, सब्सिडी के बाद लागत (सामान्य वर्ग) ₹2,25,000
– मिल्किंग मशीन और चारा उपकरण: लागत ₹2,00,000, सब्सिडी के बाद लागत (सामान्य वर्ग) ₹1,50,000
– शुरुआती चारा आदि: लागत ₹1,00,000, सब्सिडी के बाद लागत (सामान्य वर्ग) ₹1,00,000
कुल लागत: ₹14,00,000
सब्सिडी के बाद कुल लागत (सामान्य वर्ग): लगभग ₹10,75,000
इससे आप कम लागत में डेयरी शुरू कर अच्छी कमाई कर सकते हैं।
योजना के लाभ
– कम ब्याज पर लोन और सब्सिडी से बोझ कम।
– स्वरोजगार और अतिरिक्त आय का स्रोत।
– दूध उत्पादन बढ़ाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत।
– महिलाओं और SC/ST को विशेष लाभ।
– आसान रिपेमेंट (3-7 वर्ष, ग्रेस पीरियड सहित)।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
नाबार्ड डेयरी लोन योजना क्या है?
यह नाबार्ड द्वारा समर्थित योजना है जो डेयरी फार्मिंग के लिए बैंक लोन पर सब्सिडी प्रदान करती है।
कितनी सब्सिडी मिलती है?
सामान्य वर्ग को 25%, SC/ST को 33.33% तक सब्सिडी मिलती है।
लोन कितना मिल सकता है?
प्रोजेक्ट के अनुसार ₹7 लाख से ₹50 लाख या अधिक तक।
आवेदन कहां करें?
नजदीकी बैंक में, नाबार्ड सीधे लोन नहीं देता।
क्या महिलाएं आवेदन कर सकती हैं?
हां, महिलाओं को प्राथमिकता और अतिरिक्त लाभ मिलता है।
सब्सिडी कब मिलती है?
लोन डिस्बर्समेंट के बाद 3-6 महीनों में।
जरूरी दस्तावेज क्या हैं?
आधार, पैन, जमीन दस्तावेज, प्रोजेक्ट रिपोर्ट आदि।
क्या पुरानी DEDS योजना बंद हो गई है?
कुछ हिस्सों में बदलाव हुए, लेकिन सब्सिडी वाली स्कीम्स अभी चल रही हैं। नवीनतम जानकारी के लिए नाबार्ड वेबसाइट चेक करें।
क्या ऑनलाइन आवेदन होता है?
मुख्य रूप से बैंक के माध्यम से ऑफलाइन, लेकिन कुछ बैंक ऑनलाइन सुविधा देते हैं।
लोन की ब्याज दर कितनी है?
8-10% के आसपास, बैंक और RBI गाइडलाइंस पर निर्भर।
निष्कर्ष
नाबार्ड डेयरी लोन योजना 2025 ग्रामीण भारत में डेयरी व्यवसाय शुरू करने का सुनहरा अवसर है। सही योजना और दस्तावेजों के साथ आप आसानी से लोन और सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं। निवेश से पहले नजदीकी बैंक या नाबार्ड कार्यालय से नवीनतम दिशानिर्देश करें। यह योजना बाजार जोखिम के अधीन है, इसलिए योजना दस्तावेज ध्यान से पढ़ें।
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